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'20 किलो अनार लेकर आना,' दारोगा ने ऐसा कहकर ली बीस हजार रिश्वत; पाेल खुलने पर रुपये फेंकने पर भी एंटी करप्शन टीम ने दबोचा
02 Jul 2026, 12:05 PM Uttar Pradesh - Meerut
Reporter : Arun Mishra
Meerut

SZN संवाददाता, मेरठ। एंटी करप्शन की टीम ने मंगलवार को पुलिस लाइन के गेट नंबर तीन से गंगानगर थाने में तैनात दारोगा प्रकाश चंद को 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ लिया। रिश्वत के लिए दारोगा ने अनार नाम का कोडवर्ड बना रखा था। एक हजार रिश्वत के लिए एक किलो अनार लाने के लिए बोला जाता था।

दारोगा ने नोट फेंककर भागने का प्रयास किया लेकिन टीम ने उसे दबोच लिया और सिविल लाइंस थाने ले आई। मुकदमा दर्ज कर आरोपित दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया। गंगानगर के गंगाधाम कालोनी निवासी नमन चौधरी ने 15 अप्रैल को गंगानगर थाने में हरिद्वार के मंगलौर निवासी पवन चौधरी, मुजफ्फरनगर निवासी संगीता चौधरी, उनके बेटे नवनीत के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।

इसकी विवेचना अलीगढ़ निवासी दारोगा प्रकाश चंद को दी गई। प्रकाश चंद ने सभी आरोपितों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए। पवन के बेटे दीपक चौधरी ने दारोगा प्रकाश चंद से संपर्क किया। दीपक रियल एस्टेट में ठेकेदार हैं।

दीपक ने प्रकाश चंद के सामने प्रस्ताव रखा कि वह मुकदमे में उनके पिता पवन को क्लीनचिट दे दें। साथ ही मामी संगीता को थाने से जमानत दे दी जाए। सिर्फ ममेरे भाई नवनीत को जेल भेजकर चार्जशीट लगा दी जाए। उसके लिए दारोगा ने दो लाख की मांग की।

दीपक ने एक साथ इतनी रकम जुटाने में असमर्थता जताई। तब प्रकाश चंद ने कहा कि किस्त में भी उक्त रकम चार्जशीट जमा करने से पहले दे सकते हैं। दीपक ने मंगलवार को पहली किस्त के नाम पर 20 हजार देना तय किया।

साथ ही एंटी करप्शन की टीम को दारोगा से बातचीत की रिकार्डिंग दे दी। आडियो में दारोगा दीपक से बोल रहा है कि 20 किलो अनार लेकर आना। दारोगा का मतलब बीस हजार रुपये से था। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर मयंक अरोड़ा के नेतृत्व में टीम के साथ ही दीपक चौधरी 20 हजार देने के लिए गंगानगर थाने पहुंचे।

प्रकाश चंद ने फोन पर बताया कि वह पुलिस लाइन स्थित आवास पर हैं। उसके बाद दोपहर में टीम पुलिस लाइन पहुंच गई। गेट नंबर तीन पर दारोगा प्रकाश चंद ने दीपक को बुला लिया। दीपक से रकम पकड़ते ही एंटी करप्शन की टीम ने प्रकाश चंद को दबोच लिया।

घूसखोर पुलिसकर्मी महकमे की साख पर लगा रहे बट्टा 

घूसखोर पुलिसकर्मी महकमे की साख पर बट्टा लगा रहे हैं, लेकिन शीर्ष अफसर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में नाकाम हैं। शायद यही कारण है कि माह में एंटी करप्शन की टीम एक से दो पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ रही है।

थाने से लेकर सीओ आफिस तक हालत यह हो गई कि पासपोर्ट की जांच में भी रिश्वत का रेट तय हो गया है। यह हाल तब है जब यहां एडीजी से लेकर डीआइजी और एसएसपी तक सुपरविजन के लिए मौजूद हैं।

सबसे ज्यादा वसूली विवेचनाओं में हो रही है, जबकि इसका सुपरविजन सीओ करते हैं। मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने गंगानगर थाने के दारोगा प्रकाश चंद को पुलिस लाइन गेट से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।

इससे पहले गत 17 जून को ही तीन हजार रुपये रिश्वत लेते हुए नौचंदी थाने के दारोगा अनूप सिंह और रेलवे रोड थाने के हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार को जेल भेजा गया था। लूट के आरोपित को हिरासत से छोड़ने के एवज में यह रकम वसूली गई थी।

गत 21 मई को ब्रह्मपुरी थाने के दारोगा वैभव कुमार को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। वह टीम से छूटकर भाग गया था। उसके निजी सहायक से यह रकम बरामद हुई थी। इसी तरह 25 अप्रैल को पल्लवपुरम थाने में तैनात 2023 बैच के दारोगा छत्रपाल को एंटी करप्शन ने 10 हजार रुपये रिश्वत के साथ रंगेहाथ पकड़ा था।

इसी साल गत 11 फरवरी को लोहियानगर थाने के दारोगा लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार को 20 लाख की वसूली करने पर जेल भेजा था। गणना कार्यालय पर रोजाना घर बैठे उपस्थिति दर्ज कराने पर वसूली हो रही है।