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मेरठ हत्याकांड: 'कप्तान को बंदी वाहन में बुलाओ, फिर देखेंगे कौन बाहर आएगा', PRO को फोन करने वाले युवक की धमकी
10 Jul 2026, 10:27 AM Uttar Pradesh - Meerut
Reporter : Arun Mishra
Meerut

मेरठ में अनुसूचित जाति की बीए की छात्रा के मौत के मामले में ऑडियो वायरल हुआ है। पीआरओ को फोन करने वाले युवक ने खुद को अधिवक्ता बताया और कहा कि कप्तान को बंदी वाहन में बुलाओ, फिर देखेंगे कौन बाहर आएगा। पुलिस वायरल ऑडियो की जांच में जुटी है।

मेरठ में अनुसूचित जाति की बीए की छात्रा के मौत के मामले में कलक्ट्रेट पर जाम और विरोध प्रदर्शन के बाद बृहस्पतिवार को एक फोन का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। फोन एसएसपी के पीआरओ को किया गया। इसमें कॉल करने वाले युवक ने खुद को अधिवक्ता बताकर एसएसपी के सरकारी नंबर पर पीआरओ रमाकांत पचौरी से बात की।

युवक ने फोन पर कहा- पीआरओ साहब...जैसे कप्तान बुधवार को बंदी वाहन में चढ़े थे। एक बार मुझे और कप्तान साहब को बंदी वाहन के अंदर बंद करा दीजिए। फिर देखिए कौन बाहर आता है। पीआरओ ने इस युवक को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि तुम गलत बोल रहे हो, कप्तान को धमकी दे रहे हो।

दरअसल, बुधवार को छात्रा की हत्या के मामले में कलेक्ट्रेट के बाहर तीन घंटे से अधिक समय तक सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। अधिकारियों के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क से नहीं उठ रहे थे। 

इस दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने लाठी फटकाकर प्रदर्शनकारियों को दौड़ा दिया था। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता रवि गौतम को एसएसपी ने बंदी वाहन में थप्पड़ मारे थे। पीआरओ रमाकांत पचौरी का कहना है कि कॉल करने वाले युवक की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।

वादी ने प्राथमिकी दर्ज होने के सात दिन बाद दिया लिखित बयान

अनुसूचित जाति की छात्रा का शव 17 मई को थाना रोहटा क्षेत्र से बरामद हुआ था। छात्रा के परिजनों ने 16 मई को थाना टीपीनगर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद उसी रात उन्होंने तहरीर देकर अंकुश चौधरी पर शादी का दबाव बनाने और अपहरण कर ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस के अनुसार छात्रा 15 मई को परीक्षा देने गई थी लेकिन नहीं लौटी।

इसके बाद परिजनों ने अंकुश चौधरी के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस के अनुसार, छात्रा और अंकुश चौधरी निवासी कल्याणपुर दोनों कई साल से परिचित थे। दोनों की बिरादरी अलग-अलग है। पुलिस ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद विवेचक ने वादी से बयान देने को कहा।

परिजनों ने अंकुश चौधरी पर अपहरण का केस दर्ज कराया था

तीन नोटिस दिए गए लेकिन प्राथमिकी दर्ज होने के सात दिन बाद वादी ने लिखित बयान दिया। तत्कालीन विवेचक प्रभारी निरीक्षक थाना टीपीनगर और वर्तमान विवेचक सीओ ब्रह्मपुरी ने ई-साक्ष्य के लिए कई बार अनुरोध किया। इस पर वादी ने नाराजगी जताई और अपने लिखित बयान को ही अंतिम बताया। उन्होंने अपने बयान में अंकित, हनी और अंकुश पर अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाया है।

ये साक्ष्य जुटाए

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि खेत के मालिक शौयपाल के भतीजे आदेश को अंकुश द्वारा घटना के बाद फोन कर बुलाया गया। अंकुश ने आदेश को घटना की जानकारी दी इस पर आदेश ने अंकुश का सहयोग करते हुए उसे घटनास्थल से करीब 10 किमी दूर छोड़कर आया और साक्ष्य छुपाने में मदद की। 

 स आधार पर पुलिस ने आदेश को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया। मजिस्ट्रेट द्वारा अपराध में सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान होने के कारण रिमांड स्वीकृत नहीं किया गया। इस पर आरोपी आदेश को नोटिस तामील कराकर वापस भेज दिया गया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

रठ में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की निंदा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने आठ जुलाई को मेरठ में एक दलित छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है।

भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि छात्रा ललिता की कथित गैंगरेप और हत्या के डेढ़ माह बाद भी सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। उन्होंने लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा देने की भी मांग की।

चंद्रशेखर आजाद आज मेरठ आएंगे

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद आज मेरठ पहुंचेंगे। वह रोहटा रोड स्थित एक गांव में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर उनके परिजनों से मिलेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया से पोस्ट कर यह जानकारी दी।

 इसके अलावा उन्होंने हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इसका बदला वोट से दिया जाएगा। वह आज शुक्रवार को गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलेंगे।