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मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के सद्दीकनगर निवासी मोहम्मद वसीम को गुजरात के सूरत में बंधक बनाए जाने के मामले में मेरठ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 35 दिन बाद पुलिस टीम वसीम को सकुशल बरामद कर मंगलवार रात मेरठ वापस ले आई। बेटे की सुरक्षित वापसी से परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार जताया।
वसीम की पत्नी अंजुम ने आरोप लगाया था कि उनके पति कपड़े का कारोबार करते हैं और उनका लेन-देन सूरत के कतारगाम जीआईडीसी क्षेत्र के एक व्यापारी से था। 25 जनवरी 2026 को उक्त व्यापारी ने फोन कर वसीम को सूरत बुलाया। भरोसा कर वसीम वहां पहुंच गए, लेकिन इसके बाद उनसे संपर्क टूट गया। परिजनों को आशंका हुई कि उन्हें बंधक बना लिया गया है।
परिवार का आरोप था कि वसीम को बंधक बनाकर पैसों की मांग की जा रही थी और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। दहशत में आए परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे से शिकायत कर वसीम की बरामदगी की गुहार लगाई थी।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामला गंभीर मानते हुए एसएसपी अविनाश पांडे ने जांच की जिम्मेदारी एएसपी अंतरिक्ष जैन को सौंपी। एएसपी ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर उसे गुजरात के सूरत रवाना किया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने वसीम को सकुशल बरामद कर लिया और उन्हें मेरठ लेकर आ गई।
वसीम ने बताई पूरी कहानी
वसीम ने बताया कि जिस व्यापारी के पास वह गए थे, उसका किसी अन्य व्यक्ति से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। उसी विवाद के चलते उन्हें भी बंधक बना लिया गया था। फिलहाल वह सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।
परिवार ने पुलिस टीम का जताया आभार
वसीम की सुरक्षित वापसी पर परिवार भावुक हो उठा। परिजनों ने एसएसपी अविनाश पांडे, एएसपी अंतरिक्ष जैन और पूरी पुलिस टीम का धन्यवाद जताते हुए कहा कि उनकी तत्परता से ही यह संभव हो पाया।