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Meerut: LLRM मेडिकल कॉलेज में बिजली संकट से व्यवस्था चरमराई, 43 ऑपरेशन टले, 54 मरीज किए गए शिफ्ट
16 Jul 2026, 11:42 AM Uttar Pradesh - Meerut
Reporter : Arun Mishra
Meerut

मेरठ एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के 150 करोड़ रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बुधवार समेत पिछले पांच दिन से अव्यवस्था है। आधे ब्लॉक की बिजली गुल है जिससे अंधेरा है। सात ऑपरेशन थियेटर (ओटी) ठप हैं। 43 ऑपरेशन टाले जा रहे हैं, उन्हें अगली तारीख दी जा रही है। इसके अलावा यहां से 54 मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया है। यहां 100 बेड का वार्ड है जो अभी चालू नहीं हो सका है। 

भारी बारिश के पांच दिन बाद भी मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं लौट सकीं। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में हुए जलभराव और पांच दिन से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 11 हजार केवी लाइन के पैनल और केबल में आई खराबी के कारण अभी पूरी तरह विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी है। 

बुधवार को प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निरीक्षण किया और आधे ब्लॉक में व्यवस्था सही कराई। कैथ लैब, डायलिसिस यूनिट और ओपीडी व्यवस्था चालू कराई। हालांकि इस ब्लॉक में बने सात ओटी अभी भी बंद हैं। इनमें दिमाग की न्यूरो सर्जरी. मूत्र विज्ञान से जुड़ी यूरो सर्जरी, बाल रोगों की सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी होती हैं। 

तीन दिन बाद पूरी तरह पटरी पर आएगी व्यवस्था 

प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में चार ब्लॉक हैं, ए, बी, सी और डी। ए और बी ब्लॉक की व्यवस्था सही करा दी है। सी और डी ब्लॉक की व्यवस्था पूरी तरह से पटरी में आने में अभी तीन दिन और लग जाएंगे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि ओटी व्यवस्था बृहस्पतिवार से पटरी पर लाने के लिए निर्देशित किया है। 


ओपीडी में खांसी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े 

एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बुधवार को 3729 मरीज मरीज पहुंचे। इनमें खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा थी। मेडिकल कॉलेज के डॉ. अरविंद ने बताया कि बारिश के बाद उमस और बढ़ गई है।


ऐसे में जो लोग ठंडा पानी पीने पी रहे हैं, कभी गर्मी में और कभी एसी में रह रहे हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है या जो लोग बारिश में भीग गए थे, ऐसे लोग ज्यादा बीमार हो रहे हैं। उन्होंने जब तक ठीक न हों ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। अगर खांसी-जुकाम और बुखार तीन दिन से ज्यादा है तो डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

33 केवी लाइन फाल्ट से 10 घंटे बिजली गुल, लोग परेशान

बुधवार को 33 केवी लाइन का तार टूटने से एमईएस और आरटीओ बिजलीघर ठप हो गए। इससे शहर के बड़े हिस्से में लगभग दस घंटे तक बिजली नहीं आई। उधर, मंगलवार की पूरी रात माधवपुरम के बिजलीघरों से जुड़े इलाकों में भी आपूर्ति बाधित रही।


मोदीपुरम बिजलीघर से आ रही 33 केवी लाइन का तार टूटने से एमईएस बिजलीघर बंद हुआ। विद्युत विभाग की टीमों ने फाल्ट ठीक किया। इसके बाद आरटीओ बिजलीघर की 33 केवी लाइन का तार टूटकर एमईएस की लाइन पर गिर गया। इससे दोनों बिजलीघरों की आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद फाल्ट ठीक किए।

ब्रह्मपुरी क्षेत्र में संकट 

ब्रह्मपुरी निवासी सुनील माथुर ने बताया कि अतुल माहेश्वरी उपरिगामी सेतु के नीचे 33 केवी लाइन के डबल पोल टूटने से 2026-07-14 की पूरी रात बिजली नहीं थी। राकेश गौड़ ने बताया कि ब्रह्मपुरी पूर्वी व पश्चिमी, पजाया, इंदिरा नगर सहित कई क्षेत्रों में 2026-07-15 सुबह छह बजे बिजली आई। पिछले 24 घंटे में इस क्षेत्र को केवल छह घंटे बिजली मिली। मुख्य अभियंता मेरठ-1 रजनीकांत मिश्र ने बताया कि फाल्ट ठीक कराए गए हैं। बिजली विभाग की टीमें लाइनों की पेट्रोलिंग कर रही हैं। 

जनप्रतिनिधियों और आम जनता के फोन जरूर उठाएं अधिकारी : एमडी

बिजली संकट और उपभोक्ताओं की समस्याओं के बीच पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने विभाग के अधिकारियों को नसीहत दी है। उन्होंने वितरण कंपनी के सभी जिलों के विद्युत अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और आम जनता के फोन अनिवार्य रूप से उठाने को कहा।


फोन न उठाने या अभद्र व्यवहार पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के इस व्यस्त समय में उपभोक्ता बिजली न होने से परेशान रहते हैं। ऐसे में अधिकारियों द्वारा फोन न उठाना या बंद कर लेना गैर-जिम्मेदाराना है।