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सरधना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी संस्था के माध्यम से संचालित करने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को भी सरधना तहसील स्थित उप-पंजीयक कार्यालय के बाहर दस्तावेज लेखक एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं का धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने रजिस्ट्री कार्य का बहिष्कार करते हुए शासन से निर्णय वापस लेने की मांग की।
दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि शासन के चार जून के आदेश के विरोध में प्रदेशभर में दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता आंदोलन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपे जाने से आम नागरिकों के साथ-साथ रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों को भी विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने शासन से चार जून के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरना 20 जून तक जारी रहेगा।
धरने में बार एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष आरिफ अली एडवोकेट, महामंत्री संजीव पंवार, दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटन लाल जैन, प्रदीप त्यागी, नईमुद्दीन, ओमवीर सिंह, विजेंद्र शर्मा, जगपाल सिंह और मोहम्मद दीन एडवोकेट समेत अन्य सदस्य शामिल हुए।
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