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मेरठ के लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी और विभिन्न विभागों के वार्डों में बंदरों की घुसपैठ से मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत का माहौल है। कई लोग तो अब अस्पताल के अंदर जाने से भी कतरा रहे हैं।
इमरजेंसी तक में पहुंच रहे बंदर
अस्पताल परिसर में बंदरों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी बंदरों के घुस आने की घटनाएं सामने आई हैं। तीमारदारों का कहना है कि बंदर अचानक हमला कर देते हैं या सामान छीन लेते हैं, जिससे अफरा-तफरी मच जाती है।
ओपीडी और वार्डों में बढ़ा खतरा
ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी बंदरों की वजह से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार बंदर मरीजों के हाथ से दवा, खाने-पीने का सामान छीन लेते हैं। वार्डों में भर्ती मरीजों के परिजन रात में विशेष रूप से डरे रहते हैं, क्योंकि बंदर खिड़कियों और दरवाजों के जरिए अंदर घुस आते हैं। तीमारदारों का कहना है कि बंदरों के डर से वे मरीजों को अकेला छोड़ने को मजबूर हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन को बार-बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब मेडिकल कॉलेज में बंदरों का आतंक देखने को मिला हो। पहले भी कई बार बंदरों द्वारा मरीजों और तीमारदारों को घायल करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े सरकारी अस्पताल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
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