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मेरठ में एक युवक को इच्छापूर्ति डाट काम की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 21 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने डेढ़ से दो लाख रुपये मासिक आय और अन्य लाभों का झांसा दिया। पीड़ित ने कार्यालय खोला और स्टाफ भी नियुक्त किया, लेकिन कंपनी ने न तो सामान भेजा और न ही पैसे वापस किए।
मेरठ , सदर निवासी एक युवक को इच्छापूर्ति डाट काम की फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर आठ लोगों ने 21 लाख ठग लिए। आरोपितों ने रुपये लेने के बाद न तो पीड़ित को सामान भेजा न ही रुपया वापस किया। छह आरोपितों के खिलाफ एसएसपी के आदेश पर थाना देहली गेट पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सदर गंज बाजार निवासी दीपक कुमार ने बताया कि उसने इच्छापूर्ति डाट काम का विज्ञापन देखा था। इसमें फ्रेंचाइजी देने के बाद हर माह डेढ़ से दो लाख रुपये व परिवार को विभिन्न पालिसी का लाभ देने का झांसा दिया गया। कंपनी से आए दो अधिकारियों ने बताया कि कंपनी 750 करोड़ रुपये की है। लाभ के अलावा उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च व अन्य लाभ दिए जाएंगे। उन्हें स्टाफ व कार्यालय का भी खर्च दिया जाएगा।
वह कंपनी के अधिकारियों के झांसे में आ गया। कंपनी अधिकारियों ने फ्रेंचाइजी लेने की एवज में दो बार में कंपनी में 20 लाख रुपये इंवेस्ट कराए। कंपनी के मालिक संजय सिन्हा, पुष्पेस सिन्हा व सोनिया सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से उससे बातचीत कर यह आश्वासन दिया। कंपनी के अधिकारी आदित्य सिन्हा, विशाल कमल ने उससे रुपया लिया। जब उसने कार्यालय खोलकर स्टाफ नियुक्त कर दिया लेकिन कंपनी की ओर से कोई सामान नहीं भेजा गया। उसका इसमें भी एक लाख रुपया खर्च हो गया। बार-बार कहने पर उसे जो माल भेजा गया वह बेकार था। शिकायत करने पर उसे भी वापस मंगा लिया गया।
आरोप है कि माल व रुपया नहीं देने पर जब वह कंपनी के अधिकारियों से दिल्ली जाकर मिला तो उसे कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि कंपनी ने तीन हजार से ज्यादा लोगों से इसी तरह की धोखाधड़ी की। दीपक की तहरीर पर देहली गेट थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।